अन्नपूर्णा माता व्रत कथा: अन्न की अधिष्ठात्री देवी की कृपा का पावन प्रसंग

अन्नपूर्णा माता हिंदू धर्म में अन्न, समृद्धि और पोषण की देवी मानी जाती हैं। कहा जाता है कि जब भी संसार में अन्न का अभाव होता है, माता अन्नपूर्णा अपनी दिव्य कृपा से जीवन में भरपूरता का संचार करती हैं। अन्नपूर्णा व्रत कथा का प्रमुख भाव यही है…

श्री शनि देव की पावन गाथा: न्याय, करुणा और कर्म का दिव्य संदेश

सनातन परंपरा में शनि देव को न्याय के देवता और कर्मफल दाता माना जाता है। उनका स्वरूप कठोर अवश्य दिखाई देता है, लेकिन गहराई से देखें तो शनिदेव का संपूर्ण सिद्धांत केवल एक है— "कर्म का न्याय"। जो अन्य देवों से भी छिप जाए, वह शनि से छिप नहीं…

आरती श्री शनिदेव जी की

                              यहाँ आरती श्री शनिदेव जी की—पूरी, स्पष्ट और सही शब्दों में लिखी गई, ॥ आरती श्री शनिदेव जी की ॥ जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारीसूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी ॥जय जय श्री शनिदेव…॥ श्याम अंक, धरणी…

दिवाली कब है, तिथि, मुहूर्त, आरती, पूजा विधि, महत्व …

 दिवाली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो साल में एक बार पवित्र मास कार्तिक महीने में अमावस्या तिथि को किया जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ कुबेर और गणेश भगवान का पूजन किया जाता है। आइए जानते हैं दिवाली के बारे में सब कुछ विस्तार…

दिवाली से पहले मासिक शिवरात्रि कब है, जाने पूजा का सही मुहूर्त

हिंदू धर्म में कार्तिक मास को अत्यंत पवित्र माना जाता है। इस मास में आने वाली शिवरात्रि, जिसे कार्तिक मासिक शिवरात्रि कहा जाता है, विशेष महत्व रखती है। यह दिन भगवान शिव की अर्चना, उपवास और भक्ति के लिए समर्पित होता है। तिथि और महत्व…