दिवाली कब है, तिथि, मुहूर्त, आरती, पूजा विधि, महत्व …

0 74

 दिवाली हिंदू धर्म का एक प्रमुख त्योहार है जो साल में एक बार पवित्र मास कार्तिक महीने में अमावस्या तिथि को किया जाता है। इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ कुबेर और गणेश भगवान का पूजन किया जाता है। आइए जानते हैं दिवाली के बारे में सब कुछ विस्तार से।

दिवाली यानी दीपावली का पर्व हर साल कार्तिक महीने में अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में दिवाली पर्व का बड़ा ही महत्व है। यह धनतेरस से शुरू होने वाले पंचदिवसीय पर्व का प्रमुख त्योहार है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके जब अयोध्या लौटे थे तब उनके आगमन की खुशी में दीपावली का त्योहार मनाया गया था। वैसे दिवाली की कई अन्य कथाएं और मान्यताएं हैं। लेकिन सभी कथाओं और मान्यताओं में दिवाली को देवी लक्ष्मी की कृपा पाने का दिन बताया गया है।

दिवाली कब है?

पंचांग की गणना के अनुसार अबकी बार कार्तिक अमावस्या 20 अक्टूबर 2025 को है। लक्ष्मी पूजा मुहूर्त 20 अक्टूबर 2025 को दोपहर 03 बजकर 44 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 21 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 54 मिनट पर समाप्त होगी.

दिवाली में पूजा का क्या है नियम

दिवाली पर गृहस्थ लोग प्रदोष काल में स्थिर लग्न के समय भगवान गणेश, देवी लक्ष्मी और कुबेर महाराज की पूजा करते हैं। व्यापारी लोग इस दिन अपना खाता बही बदलते हैं। इसलिए व्यापारियों का नया वर्ष भी इसी दिन से शुरू होता है। गुजरात में दिवाली से ही महालक्ष्मी वर्ष का आरंभ माना जाता है।

दिवाली की रात का शगुन

दिवाली के दिन महालक्ष्मी अपने वाहन उल्लू पर सवार होकर पृथ्वी भ्रमण के लिए आती हैं। इसलिए लोग अपने घर और छत की सफाई करते है। घर में रंगोली बनाकर देवी लक्ष्मी का स्वागत करते हैं। कहते हैं कि इस रात कुछ ऐसे शगुन होते हैं जो बताते हैं कि महालक्ष्मी का घर में आगमन हुआ है।

2025 में कब है मुहूर्त 

मुहूर्त ट्रेडिंग 2025 में 20 अक्टूबर को आयोजित की जाएगी। इस दिन स्टॉक मार्केट एक घंटे के लिए विशेष रूप से खुला रहेगा। सामान्य ट्रेडिंग सेशन शाम 6:15 बजे शुरू होगा और 7:15 बजे समाप्त होगा। ट्रेडिंग के दौरान विभिन्न सेगमेंट्स में ट्रेडिंग की जा सकेगी, जिसमें इक्विटी, डेरिवेटिव्स, और करेंसी ट्रेडिंग भी शामिल हैमुहूर्त ट्रेडिंग को शुभ मानते हुए निवेशक इस समय में नई शुरुआत करते हैं, और इसे दीवाली के साथ जुड़ी एक महत्वपूर्ण ट्रेडिंग परंपरा के रूप में देखा जाता है।

दिवाली की रात शेयर मार्केट में मुहूर्त ट्रेंडिंग किया जाता है। कुछ लोग जुआ खेलकर भी इस दिन अपना भाग्य आजमाते हैं जो कि इस पर्व की पवित्रता के लिए ठीक नहीं है।

दिवाली उत्सव

दिवाली के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करने के बाद लोग अपने रिश्तेदारों पड़ोसियों के बीच उपहार और मिठाई बांटते हैं। बच्चों को यह त्योहार इसलिए भी खूब पसंद आता है क्योंकि इसमें उन्हें आतिशबाजी करने का मौका मिलता है। लेकिन देश के कुछ भागों में प्रदूषण के खतरे को देखते हुए दिवाली पर आतिशबाजी को बैन कर दिया गया है। ऐसे में बच्चों को थोड़े निराश हो जाते हैं। फिर भी सभी लोग बड़े उत्साह और आनंद के साथ दिवाली का महापर्व मनाते हैं।

Leave A Reply

Your email address will not be published.