महा शिवरात्रि के वर्त कब है यहाँ जाने..
प्रत्येक माह की कृष्ण त्रियोदशी को शिवरात्रि ही कहा जाता है, इन सभी 12 अथवा 13 शिवरात्रियों मे से दो शिवरात्रि अत्यधिक प्रसिद्ध है। फाल्गुन माह की त्रियोदशी महा शिवरात्रि के नाम से प्रसिद्ध है तथा दूसरी ओर सावन शिवरात्रि जोकि भगवान शिव के पवित्र माह सावन में मनाई जाती है। यह त्यौहार भगवान शिव-पार्वती को समर्पित है, इस दिन भक्तभगवान शिव के प्रतीक शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाते हैं।
तिथि: फाल्गुन कृष्णा त्रयोदशी
महाशिवरात्रि, भगवान शिव की पार्वती देवी से शादी का दिन है, इसलिए भक्तगण महा शिवरात्रि को गौरी-शंकर की शादी की सालगिरह के रूप में मानते हैं। इस दिन ब्रत में, कुछ भक्तों को बिना पानी के ब्रत रहिते देखा गया है। आज के दिन भक्त शिवलिंग को दूध, दही, शहद, गुलाब जल, आदि के साथ हर तीन घंटे के अंतराल मे सारी रात पूजा करते हैं।
आज का दिन दो महान प्राकृतिक शक्तियों, रजस एवं तमस के एक साथ आने का दिन है। शिवरात्रि व्रत इन दोनों शक्तियों का सही नियंत्रण है। वासना, क्रोध, और ईर्ष्या जैसे बुराइयों को नियंत्रण कर सकते हैं। हर तीन घंटे शिवलिंग की पूजा के एक दौर आयोजित किया जाता है। सदगुरु के अनुसार, इस रात को ग्रहों की स्थिति कुछ ऐसी होती है कि मानव तंत्र में ऊर्जा का प्रवाह प्राकृतिक रूप से ऊपर की ओर होता है। अतः योगी साधक भक्त शरीर को सीधी स्थिति में रखते हैं, और सारी रात सोते नहीं हैं।
- महाशिवरात्रि के दिन सूर्योदय से पहले उठें।
- पीले रंग के कपड़े धारण करें।
- हाथ में जल, अक्षत और फूल लेकर भगवान शिव के सामने व्रत का संकल्प लें।
- शिवरात्रि की पूजा रात्रि के चारों पहर में करना फलदायी होता है।
- हर प्रहर में दूध, दही, घी और शहद से शिवलिंग का अभिषेक करें।
महा शिवरात्रि 2026: रविवार, 15 फरवरी 2026
शिवरात्रि रात्रि प्रहर पूजा समय: [दिल्ली]
प्रथम प्रहर: 6:11 PM से 09:23 PM, 15 फरवरी
द्वितीय प्रहर: 9:23 PM से 12:35 AM, 15 फरवरी
तृतीय प्रहर: 12:35 AM से 3:47 AM, 16 फरवरी
चतुर्थ प्रहर: 3:47 AM से 6:59 AM, 16 फरवरी
चतुर्दशी तिथि – 15 फरवरी 2026 5:04 PM – 16 फरवरी 2026 5:34 PM